जौनपुर। बहुचर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल एक लाख रुपये के इनामी भोले राजभर के जौनपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण की सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठी मृतक की बहन सौम्या भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़ी। भाई की तस्वीर सीने से लगाकर बिलखती सौम्या को देखकर धरना स्थल पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
करीब 14 दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी सौम्या अपने भाई के हत्यारों की गिरफ्तारी और सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। बुधवार को जैसे ही उसे भोले राजभर के आत्मसमर्पण की जानकारी मिली, वह बदहवास हो गई। रोते हुए उसने कहा, “अब मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा। सभी ने षड्यंत्र करके उसे बचा लिया।” इसके बाद वह बार-बार अपने भाई की तस्वीर को सीने से लगाकर विलाप करती रही।
धरना स्थल पर मौजूद उसके पिता एवं अन्य परिजनों ने उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह खुद को संभाल नहीं सकी। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद फरियादी, वादकारी और अन्य लोग भी भावुक हो गए। कई लोगों ने उसे ढांढस बंधाया, लेकिन सौम्या लगातार अपने भाई के हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग दोहराती रही।
गौरतलब है कि बहुचर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड को लेकर सौम्या पिछले कई दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है। उसका कहना है कि जब तक मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
मामले में एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर के आत्मसमर्पण के बाद अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।














