रामपुर में भव्य स्वागत से गूंजा शंकराचार्य जी की संकल्प यात्रा का संदेश
गौ, गंगा और सनातन धर्म रक्षा हेतु जनजागरण अभियान में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
रामपुर ,जौनपुर। गौ माता, मां गंगा और सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से जन-जन को जागरूक करने के लिए निकली जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की संकल्प यात्रा का शुक्रवार को रामपुर थाना क्षेत्र के सिधवन चौराहे पर भव्य एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। यात्रा के आगमन पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण और धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा।

भदोही नेशनल हाईवे मार्ग से गुजर रही इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी शामिल रहे। जैसे ही शंकराचार्य जी का काफिला सिधवन चौराहे पर पहुंचा, श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया तथा “हर-हर महादेव”, “गौ माता की जय” और “सनातन धर्म अमर रहे” के नारों से वातावरण को धर्ममय बना दिया।
इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गौवंश की रक्षा करना प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति की पहचान हैं और मां गंगा देश की आस्था एवं जीवन का आधार हैं। यदि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को सुरक्षित रखना है तो समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर आगे आना होगा।

उन्होंने लोगों से धर्म, संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। शंकराचार्य जी ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और धर्म के महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं से जुड़ी रहें।
यात्रा में शामिल संतों और अनुयायियों ने “गोवंश की रक्षा हमारा संकल्प” का संदेश देते हुए लोगों को जागरूक किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया तथा धर्म रक्षा के इस अभियान में सहयोग देने का संकल्प लिया।
सिधवन चौराहे पर भक्तों ने माल्यार्पण कर शंकराचार्य जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में पूरी तरह धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा। आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में लोग यात्रा के स्वागत के लिए पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। पुलिस बल द्वारा यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
धर्मप्रेमियों का कहना था कि वर्तमान समय में गौ रक्षा, गंगा स्वच्छता और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज को संगठित होने की आवश्यकता है। शंकराचार्य जी की यह संकल्प यात्रा लोगों में धार्मिक चेतना जागृत करने और भारतीय संस्कृति के प्रति नई ऊर्जा भरने का कार्य कर रही है।














