गहरे गड्ढे में डूबने से युवक की मौत, एक घंटे बाद जाल से निकाला गया शव

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गहरे गड्ढे में डूबने से युवक की मौत, एक घंटे बाद जाल से निकाला गया शव

गंधौना में हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले—पहले भी हो चुके हैं हादसे, जिम्मेदार बेखबर

रामपुर। थाना क्षेत्र के गंधौना गांव में कुशहा ताल के पास जोगीबीर मजार के समीप स्थित गहरे गड्ढे में डूबने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह युवक के गहरे पानी में डूबने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। करीब एक घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद फायर सर्विस की टीम ने जाल की मदद से युवक का शव पानी से बाहर निकाला। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की पहचान गंधौना गांव निवासी बीतनू मुसहर (20) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब छह बजे बीतनू शौच के लिए घर से निकला था। इसी दौरान वह पानी छूने के लिए गड्ढे के किनारे पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक वह गहरे पानी में चला गया। एक युवक ने उसे पानी में जाते हुए देखा तो आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से युवक की तलाश शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद फायर सर्विस की टीम को भी बुलाया गया। गहरे पानी में जाल डालकर तलाश अभियान चलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद फायर सर्विस के दीवान रामश्रय राव के प्रयास से युवक का शव पानी से बाहर निकाला जा सका।

मिर्गी का दौरा पड़ने की आशंका

रामपुर थानाध्यक्ष रमेश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में युवक को मिर्गी आने की बात सामने आई है। आशंका है कि पानी छूने के दौरान उसे अचानक मिर्गी का दौरा पड़ा होगा, जिसके चलते वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

पहले भी हो चुके हैं हादसे, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जोगीबीर मजार के पास स्थित यह गड्ढा काफी गहरा है और यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाली अथवा चेतावनी बोर्ड जैसी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि NH-135 के निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की ओर से खोदे गए गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया है। बरसात के दिनों में इसमें पानी भर जाने के कारण इसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे स्थानीय लोगों, राहगीरों और बच्चों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की मांग की

युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से गड्ढे के चारों ओर तत्काल बैरिकेडिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और आवश्यकतानुसार सुरक्षा जाली लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाने के बजाय खतरनाक स्थानों पर पहले से सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर इस गहरे गड्ढे को कब तक इसी तरह खुला छोड़ा जाएगा। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में भी गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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