पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, हादसे का रूप देने की कोशिश
सोनभद्र में NCL के सीनियर ओवरमैन की संदिग्ध मौत का 24 घंटे में खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
सोनभद्र। शक्तिनगर थाना क्षेत्र में एनसीएल में तैनात सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा ने अपने कथित प्रेमी विकास चौहान के साथ मिलकर रमाशंकर की हत्या की साजिश रची थी। मामले में पुलिस ने पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को रमाशंकर मिश्रा का शव बीना कॉलोनी क्षेत्र में सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआत में पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानकर जांच शुरू की थी। इसी बीच मृतक के पिता रामयश मिश्रा ने अपनी बहू प्रियंका मिश्रा पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की।
घर के अंदर पति ने दोनों को साथ देख लिया था
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रियंका मिश्रा का विकास चौहान के साथ कथित प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को रमाशंकर ने प्रियंका और विकास को घर के अंदर एक साथ देख लिया था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ।
आरोप है कि विवाद के बाद प्रियंका और विकास ने मिलकर रमाशंकर की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई गई।
शव को सड़क किनारे ले जाकर हादसा दिखाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए विकास चौहान ने अपने साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता की मदद ली। शव को गमछे में लपेटकर सड़क किनारे ले जाया गया। इसके बाद शव पर चोट के निशान बनाए गए, ताकि पहली नजर में मामला सड़क हादसा प्रतीत हो।
कॉल डिटेल और लोकेशन से खुला राज
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के साथ तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और लोकेशन आदि की पड़ताल की। 27 अगस्त की रात मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में तेजी आई और पुलिस ने महज 24 घंटे में आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया।
पुलिस ने मामले में प्रियंका मिश्रा, विकास चौहान, अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय, उप निरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव, बीना चौकी प्रभारी समेत कांस्टेबल सत्यम सरोज, अरुण कुमार, अमन सिंह और अमृतलाल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।













