कमालपुर के कांवड़ सेवा शिविर में गूंजा सामाजिक समरसता और सनातन एकता का संदेश
पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने संत शिरोमणि रविदास जी की शिष्य परंपरा के साधु-संतों का अंगवस्त्र पहनाकर किया सम्मान, यज्ञ में दी आहुति
सहारनपुर। कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों शिवभक्ति और धार्मिक आस्था से सराबोर है। जगह-जगह लगाए गए कांवड़ सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सेवा के साथ सामाजिक समरसता, सद्भाव और सनातन संस्कृति का संदेश भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में कमालपुर, सहारनपुर में आयोजित शिव कांवड़ सेवा शिविर में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने पहुंचकर सहभागिता की और शिव भक्त कांवड़ियों की सेवा की।

कार्यक्रम का आयोजन हिंदू जागरण मंच के संयोजक श्री सूर्यकांत सिंह के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों और संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में भगवान शिव की आराधना के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने यज्ञ में विधिवत सहभागिता करते हुए आहुति दी तथा भगवान भोलेनाथ से कांवड़ यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय होने की प्रार्थना की। यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।

संतों का किया सम्मान
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिष्य परंपरा से जुड़े साधु-संतों एवं महंतों का सम्मान रहा। पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने संत परंपरा से जुड़े साधु-संतों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। महंत श्री जगपाल दास जी सहित उपस्थित संतों का सम्मान करते हुए उन्होंने संत परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।
इस दौरान ठाकुर चंद्रपाल सिंह, ऋषभ सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। संतों के सम्मान और धार्मिक आयोजन के दौरान सामाजिक समरसता तथा आपसी सद्भाव का संदेश देखने को मिला।
‘भगवान शिव सबके हैं’
पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि भगवान शिव की आराधना समाज को एक सूत्र में जोड़ने का संदेश देती है। भगवान शिव सबके हैं और प्रत्येक प्राणी में शिव तत्व विद्यमान है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की महान परंपरा से जुड़े साधु-संतों की उपस्थिति और उनका सम्मान सामाजिक समरसता, सद्भाव और सनातन एकता की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सेवा, श्रद्धा, त्याग, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। कांवड़ियों की सेवा के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता भारतीय संस्कृति की व्यापकता और आपसी भाईचारे को प्रदर्शित करती है।
कांवड़ियों के बीच किया प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के बाद डॉ. दिनेश चंद्र ने क्षेत्र में संत परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने शिव भक्त कांवड़ियों के बीच प्रसाद का वितरण किया और उनकी कुशल यात्रा की कामना की।
उन्होंने भगवान शिव के चरणों में नमन करते हुए प्रार्थना की कि सभी कांवड़ यात्री सुरक्षित और सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ सभी शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सफल एवं मंगलमय बनाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ शिवभक्ति और सामाजिक एकता का संकल्प दोहराया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
रिपोर्टर— दीपक शुक्ला














