प्रयागराज में बरामदगी की रकम में हेराफेरी का आरोप, तीन चौकी प्रभारी निलंबित
6.55 लाख रुपये की बरामदगी में केवल 87 हजार रुपये दिखाने का मामला आया सामने, जांच के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित नैनी क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर बरामदगी की रकम में कथित हेराफेरी करने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में तीन उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि मध्य प्रदेश के रीवा से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के पास से बरामद 6 लाख 55 हजार रुपये में से बड़ी रकम का हिसाब बरामदगी के अभिलेखों में नहीं दर्शाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मामले में मध्य प्रदेश के रीवा से विपिन पाठक और आकाश सिंह को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान दोनों के पास से पुलिस ने कुल 6 लाख 55 हजार रुपये बरामद किए थे। आरोप है कि इस रकम में से केवल 87 हजार रुपये की बरामदगी ही आधिकारिक तौर पर दर्शाई गई, जबकि शेष 5 लाख 68 हजार रुपये का हिसाब संदिग्ध पाया गया।
इस मामले में उपनिरीक्षक विक्की गुप्ता, रामानंद विश्वकर्मा और नीलेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठे। बरामदगी की रकम और दर्ज किए गए आंकड़ों में अंतर की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले की जांच कराई गई। प्रकरण न्यायालय तक पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान कथित अनियमितता उजागर होने के बाद तीनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। हालांकि, मामले में विभागीय जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक विवरण की पुष्टि आवश्यक है।
पुलिस विभाग में बरामदगी की रकम का सही हिसाब रखना और उसे नियमानुसार अभिलेखों में दर्ज करना अनिवार्य है। इस प्रकरण ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं।














