श्री पारस नाथ महादेव मंदिर का दिव्य चमत्कार सपने में मिले महादेव, मिट्टी से निकली मूर्ति और बस गया आस्था का धाम

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श्री पारस नाथ महादेव मंदिर का दिव्य चमत्कार

सपने में मिले महादेव, मिट्टी से निकली मूर्ति और बस गया आस्था का धाम

रिपोर्ट- निशांत सिंह

जौनपुर। जनपद जौनपुर के विकास खंड बरसठी अंतर्गत थाना मछलीशहर क्षेत्र के ग्राम पौहा में स्थित श्री पारस नाथ महादेव मंदिर आज श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है। गांव का यह प्राचीन एवं विशाल मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि अपने भीतर एक अद्भुत इतिहास और दिव्य चमत्कार की कहानी भी समेटे हुए है।

ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पहले जहां आज भव्य मंदिर स्थापित है, वहां केवल ऊंचा भीटा हुआ करता था। उस स्थान पर लोगों की आवाजाही भी बहुत कम थी। बताया जाता है कि उसी स्थान की मिट्टी में भगवान शिव की प्राचीन मूर्ति दबकर छिपी हुई थी।

गांव के बुजुर्गों के मुताबिक, एक रात गांव निवासी स्वर्गीय विश्वनाथ तिवारी को भगवान शिव ने स्वप्न में दर्शन दिए। सपने में महादेव ने कहा कि “मैं यहां मिट्टी में दबा हुआ हूं, मुझे बाहर निकालो।” इस दिव्य स्वप्न के बाद विश्वनाथ तिवारी ने गांव के लोगों को पूरी बात बताई।

इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से उस स्थान की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान वहां से भगवान महादेव की दिव्य मूर्ति निकली। मूर्ति निकलते ही पूरे गांव में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसे भगवान शिव का चमत्कार माना और सामूहिक सहयोग से उसी स्थान पर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।

धीरे-धीरे यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया, जो आज दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। सावन माह और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ती है।

ग्राम प्रधान राजकुमार यादव ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद गांव में सुख-समृद्धि और विकास का वातावरण बना है। वहीं सुरेश तिवारी ने अपने दादा स्वर्गीय विश्वनाथ तिवारी द्वारा किए गए इस पुण्य कार्य की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह मंदिर पूरे गांव की पहचान बन चुका है।

ग्रामीणों का दावा है कि यह मंदिर लगभग 125 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर की एक और विशेषता यह है कि दक्षिण दिशा में प्रसिद्ध दियांवा महादेव मंदिर, मध्य में पारस नाथ महादेव मंदिर तथा उत्तर दिशा में शोभ नाथ महादेव मंदिर स्थित हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इन तीनों मंदिरों का निर्माण एक ही कारीगर स्वर्गीय खेदू राजगिर द्वारा किया गया था।

आज श्री पारस नाथ महादेव मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि गांव की आस्था, इतिहास, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिर की दिव्यता और शांत वातावरण से आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

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