जौनपुर में तीन दिवसीय लोकगीत-बिरहा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, लोक संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

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जौनपुर में तीन दिवसीय लोकगीत-बिरहा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, लोक संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

जौनपुर, 07 जून। भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित सीएफपीजीएस (CFPGS) योजना के अंतर्गत गुलाबी देवी जन कल्याण संस्था, जौनपुर के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय लोकगीत-बिरहा कार्यक्रम का रविवार को नगर पंचायत रामपुर स्थित वधुवाटिका मेला मैदान में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग बिखरे और देर तक लोकगीतों एवं बिरहा गायन की स्वर लहरियां गूंजती रहीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मड़ियाहूँ विधायक डॉ. आर.के. पटेल तथा विशिष्ट अतिथि राम अवध यादव, जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम), नाबार्ड जौनपुर रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय लोक कला, लोकगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लोक संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है और इसे जीवित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान लोकगीत, बिरहा गायन, लोकनृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कलाकारों ने अपनी सशक्त एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीण जीवन, सामाजिक सरोकारों, पारंपरिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति की विविधता को मंच पर जीवंत कर दिया। बिरहा गायकों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

महोत्सव में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, युवा, महिलाएं और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दर्शकों ने लोक कला के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए इसकी सराहना की।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी संदीप कुमार दुबे ने कहा कि संस्था लगातार लोक कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने तथा लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में पारंपरिक कला विधाओं को संरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, कलाकारों एवं जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि यह सांस्कृतिक आयोजन 07 जून से 09 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें विभिन्न जनपदों और क्षेत्रों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही लोक संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों की समस्याओं से जुड़े विषयों पर संगोष्ठियों एवं विचार-विमर्श कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

तीन दिवसीय इस लोकगीत-बिरहा महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही रामपुर क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बन गया है और आगामी दिनों में विभिन्न लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेंगी।

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