पंचायत संचालन को लेकर शासन स्तर पर मंथन तेज, तीन विकल्पों पर चल रहा विचार
उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में चुने गए ग्राम प्रधानों का पांच वर्षीय कार्यकाल मंगलवार 26 मई की शाम पांच बजे समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही गांव की सरकार का मौजूदा ढांचा बदल जाएगा और 27 मई से नई अंतरिम व्यवस्था लागू होने की संभावना है। शासन स्तर पर पंचायतों के संचालन को लेकर लगातार मंथन जारी है और सोमवार को इस संबंध में कोई बड़ा आदेश जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनाव होने तक पंचायतों का संचालन किस व्यवस्था के तहत होगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन के सामने फिलहाल तीन प्रमुख प्रस्तावों पर विचार चल रहा है। पहला प्रस्ताव यह है कि वर्तमान ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में तीन या छह सदस्यीय समिति बनाकर पंचायत संचालन का अधिकार दिया जाए। दूसरा विकल्प एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने का है, जबकि तीसरे प्रस्ताव में पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान को शामिल करते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने की चर्चा है।
राजस्थान मॉडल पर भी हो सकता है फैसला
सूत्रों के अनुसार शासन राजस्थान मॉडल का अध्ययन भी कर रहा है। यदि सरकार इस मॉडल को लागू करती है तो पंचायतों का संचालन प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति के जरिए किया जा सकता है, हालांकि वित्तीय अधिकार अधिकारियों के हाथ में रहने की संभावना जताई जा रही है। पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान की तीन सदस्यीय समिति का विकल्प भी काफी मजबूत माना जा रहा है।
प्रधानों ने उठाई थी कार्यकाल बढ़ाने की मांग
ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार कार्यकाल बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने कुछ दिन पहले लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर सरकार से मांग की थी कि या तो प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए या फिर पंचायत संचालन का अधिकार प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को दिया जाए। हालांकि अब तक शासन की ओर से इस पर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विकास कार्यों में तेजी, खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये
कार्यकाल समाप्त होने से पहले ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। मुरादाबाद जिले की 643 ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग और पांचवें वित्त आयोग की बची करीब आठ करोड़ रुपये की धनराशि से विकास कार्य कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी दोनों ही लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कराने में जुटे हुए हैं।
27 मई से लागू होगी नई व्यवस्था
गौरतलब है कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों के बाद 25 और 26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक आयोजित हुई थी। इसी आधार पर 26 मई को वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल समाप्त माना जा रहा है। मुरादाबाद मंडल की 3692 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल भी इसी दिन समाप्त हो जाएगा।
इनमें मुरादाबाद की 643, अमरोहा की 576, संभल की 670, रामपुर की 680 और बिजनौर की 1123 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। मुरादाबाद जिले में कुल 643 प्रधानों में 335 महिला ग्राम प्रधान हैं।
अब सबकी निगाहें शासन के फैसले पर टिकी हैं कि गांवों की नई प्रशासनिक व्यवस्था किस मॉडल के तहत लागू की जाएगी।














