पढ़ाई छोड़ अपराध की दुनिया में उतरा रवि, छह मुकदमों के बाद बना एक लाख का इनामी

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प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा युवक गलत संगत में पड़कर बना पुलिस का मोस्ट वांटेड, मुठभेड़ में हुआ अंत

जौनपुर।
जिले के चर्चित दूल्हा हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रवि यादव का रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया। कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सरकारी नौकरी का सपना देखने वाला रवि यादव कुछ ही वर्षों में अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया। गलत संगत और अपराधियों के संपर्क ने उसकी जिंदगी की दिशा इस कदर बदल दी कि वह हत्या, हत्या के प्रयास और पुलिस पर हमले जैसे संगीन मामलों का आरोपी बन गया। अंततः पुलिस और अपराध के बीच चल रही इस कहानी का अंत खेतासराय थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के साथ हो गया।

जानकारी के अनुसार रवि यादव पुत्र कमलेश यादव मूल रूप से जौनपुर जिले के खेतासराय क्षेत्र का रहने वाला था। उसने सिद्दीकपुर स्थित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की थी। परिवार और मोहल्ले के लोगों के मुताबिक रवि पढ़ाई में सामान्य छात्र था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर नौकरी करे और परिवार का सहारा बने, लेकिन समय के साथ उसकी संगत बदलती चली गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले रवि की दोस्ती क्षेत्र के कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों से हो गई थी। धीरे-धीरे उसका झुकाव गलत गतिविधियों की ओर बढ़ने लगा। शुरुआत छोटी घटनाओं से हुई, लेकिन बाद में उसका नाम गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आने लगा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 से उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होने लगे। खेतासराय और सरायख्वाजा थानों में उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, दंगा, मारपीट, धमकी, लोकसेवक पर हमला और आर्म्स एक्ट समेत कुल छह मुकदमे दर्ज थे।

दूल्हा हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रवि यादव लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की थीं। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया था।

रविवार देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस को रवि यादव की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की। बताया जा रहा है कि खुद को घिरता देख रवि और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

रवि यादव का परिवार क्षेत्र में सामान्य जीवन व्यतीत करता है। उसके पिता कमलेश यादव किराना की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बड़ा भाई दीपक और कुलदीप परिवार के साथ रहकर कामकाज संभालते हैं, जबकि एक भाई जनसेवा केंद्र भी संचालित करता है। परिवार में उसकी एक बहन वंदना यादव भी है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि परिवार को कभी उम्मीद नहीं थी कि पढ़ाई करने वाला रवि अपराध के रास्ते पर निकल पड़ेगा।

रवि यादव की मौत के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग इसे युवाओं के लिए बड़ी सीख मान रहे हैं कि गलत संगत और अपराध की राह आखिरकार विनाश की ओर ही ले जाती है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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