रघुनाथपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच, जिला स्तरीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण

0
34

रघुनाथपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच, जिला स्तरीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण

जौनपुर। विकास खंड रामपुर की ग्राम पंचायत रघुनाथपुर में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, फर्जी हस्ताक्षर, मनरेगा कार्यों में अनियमितता तथा सरकारी धन के दुरुपयोग संबंधी शिकायतों की जांच के लिए शुक्रवार को जिला स्तरीय टीम ने गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान गांव में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच टीम के समक्ष पहुंचकर अपने-अपने पक्ष रखे, जबकि शिकायतकर्ता ने विभिन्न विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप दोहराया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रघुनाथपुर निवासी प्रदीप पांडे ने मुख्यमंत्री पोर्टल एवं जिलाधिकारी जौनपुर को प्रेषित शिकायत पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं। शिकायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत फर्जी मास्टर रोल तैयार कर भुगतान कराने, पात्र मजदूरों के स्थान पर अन्य लोगों के खातों में धनराशि हस्तांतरित करने तथा तालाब, सड़क, पंचायत भवन, विद्यालय और अन्य निर्माण कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की बात कही गई थी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जौनपुर ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी नागेंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में जिला स्तरीय जांच टीम ग्राम पंचायत रघुनाथपुर पहुंची। टीम ने सबसे पहले शिकायतकर्ता एवं ग्रामीणों से बातचीत कर उनका पक्ष जाना और उसके बाद शिकायत में उल्लिखित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया।

जांच टीम ने गांव में स्थित तालाबों, इंटरलॉकिंग मार्गों, मेड़बंदी कार्यों, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय परिसर, बाउंड्री वॉल तथा अन्य विकास परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध अभिलेखों का मिलान करते हुए संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता प्रदीप पांडे ने जांच अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया कि कई तालाबों की खुदाई जेसीबी मशीनों के माध्यम से कराई गई, जबकि सरकारी अभिलेखों में मनरेगा मजदूरों द्वारा कार्य कराया जाना दर्शाया गया है। उन्होंने पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र के कुछ निर्माण कार्यों को अधूरा बताते हुए विद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। शिकायतकर्ता का कहना था कि यदि अभिलेखों और स्थलीय स्थिति का गहन परीक्षण किया जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

दूसरी ओर, जांच के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। अधिकांश ग्रामीणों ने शिकायतों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान व्यापक स्तर पर विकास कार्य कराए गए हैं, जिनका लाभ गांव के लोगों को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि शिकायत व्यक्तिगत और चुनावी रंजिश के कारण की गई है तथा इसका उद्देश्य पंचायत की छवि को धूमिल करना है।

ग्राम प्रधान हौसिला देवी एवं प्रधान प्रतिनिधि राहुल पांडेय ने भी जांच टीम के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पंचायत में कराए गए सभी विकास कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। उनका आरोप है कि पंचायत चुनाव के समय से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता के कारण कुछ लोग अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच में सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे और सच्चाई सामने आएगी।

जांच अधिकारी नागेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता, ग्राम प्रधान पक्ष तथा ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। साथ ही संबंधित अभिलेखों एवं विकास कार्यों की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी जौनपुर को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम पंचायत रघुनाथपुर में हुई इस जांच को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितना दम है और विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here