व्यापारी संवाद कार्यक्रम में जीएसटी 2.0, पंजीयन एवं व्यापारी दुर्घटना बीमा पर हुई विस्तृत चर्चा
रामपुर, जौनपुर। नगर पंचायत रामपुर स्थित धर्मा पैलेस में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के अधिकारियों एवं स्थानीय व्यापारियों के बीच जीएसटी 2.0, जीएसटी पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग तथा व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को कर संबंधी नवीन जानकारियों से अवगत कराना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपायुक्त राज्य कर सुरेन्द्र कैथल ने व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था में हो रहे बदलावों की जानकारी देते हुए समय पर रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। व्यापारियों को अपने जीएसटी पोर्टल पर मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी अद्यतन रखने की सलाह दी गई ताकि विभागीय सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।
सहायक आयुक्त अतुल सोनकर ने जीएसटी पंजीयन, ई-इनवॉइसिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) तथा ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग से संबंधित तकनीकी जानकारियां साझा कीं। वहीं राज्य कर अधिकारी मुरली प्रसाद एवं प्रधान सहायक अर्जुन यादव ने व्यापारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान करते हुए विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा व्यापारियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार व्यापारियों के हितों की सुरक्षा एवं व्यापारिक वातावरण को मजबूत बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष इंद्रभान इंदु सिंह ने की। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की। इस अवसर पर जिला महामंत्री आरिफ हबीब, रामपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष कुमार जायसवाल, एडवोकेट तरुण तिवारी, मनोज जायसवाल, गोविंद बरनवाल, अवधेश बरनवाल, राजन जायसवाल, शंकर गुप्ता, श्यामजी साहू, पिंटू जायसवाल, उमेश जायसवाल, दीपक जायसवाल, चिंटू जायसवाल, राजकुमार गुप्ता, अरविंद विश्वकर्मा, विवेक जायसवाल, विपिन जायसवाल, के.पी. सिंह, मो. कुर्बान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में व्यापारियों एवं राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय और संवाद के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियों को सुगम एवं पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया। व्यापारियों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की मांग भी की।














