जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के अंतर्गत एच.आर.डी. विभाग के शोध छात्र ऋत्विक त्रिपाठी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप सीरीज–2 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सीनियर वर्ग के -67 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के साथ-साथ पूरे जनपद का मान बढ़ा है।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की गई, जिसमें देश और विदेश से आए अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का आयोजन धामिकाकाई शीतो-रियु इंटरनेशनल द्वारा किया गया था। यह संस्था पारंपरिक कराटे की तकनीकी, अनुशासित एवं आत्मरक्षा आधारित शैली के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। संस्था युवाओं में आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता, संयम तथा शारीरिक क्षमता के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रतियोगिता के दौरान ऋत्विक त्रिपाठी ने अपने दमदार प्रदर्शन, तकनीकी कौशल और अनुशासित खेल शैली का परिचय देते हुए कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा। फाइनल मुकाबले तक पहुंचकर उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
ऋत्विक की इस उपलब्धि पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल एवं व्यक्तित्व विकास की सुदृढ़ परंपरा को भी प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने ऋत्विक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आशा जताई कि वे आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बड़ी सफलताएं अर्जित करेंगे।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडे, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. प्रवीण मिश्र, अनुपम कुमार, शोध छात्रा अंजली मौर्य सहित विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने ऋत्विक त्रिपाठी को शुभकामनाएं देते हुए उनकी उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणादायक बताया। खेल प्रेमियों और विश्वविद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि ऋत्विक भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।














