जौनपुर। चर्चित दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वारदात के लगभग 20 दिन बाद बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
जानकारी के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र में हुए चर्चित आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल जपटापुर निवासी भोले राजभर लंबे समय से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसटीएफ लगातार दबिश दे रही है। इसी क्रम में प्रशासन ने उसके खिलाफ राजस्व संबंधी कार्रवाई करते हुए ग्राम लपरी स्थित सरकारी ऊसर भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाया।
बुधवार को एसडीएम शाहगंज कुडाल गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग, चकबंदी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक टीम ने गाटा संख्या 841 रकबा 3.54 डीमल ऊसर भूमि का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि भोले राजभर द्वारा लगभग 59 डिसमिल सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जा कर खेती की जा रही थी। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर कब्जा हटवाया और भूमि के चारों कोनों पर झंडी लगाकर सरकारी कब्जा सुनिश्चित कराया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सरायख्वाजा थाना प्रभारी अमरेंद्र पांडे समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना रहा।
गौरतलब है कि गत एक मई को आजाद बिंद अपनी बारात लेकर खेतासराय थाना क्षेत्र के जमदहा (बीबीपुर) जा रहा था। घर से लगभग सात किलोमीटर पहले बादशाही बाजार के पास घात लगाए बदमाशों ने ओवरटेक कर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए उसकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
मृतक के पिता राम लखन की तहरीर पर पुलिस ने जपटापुर निवासी भोले राजभर, सोंधी निवासी रवि यादव तथा आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र के चिकसावा गांव निवासी प्रदीप बिंद के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने तीनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
घटना के बाद से एसआईटी और एसटीएफ की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं मृतक आजाद बिंद की बहन सौम्या बिंद लगातार आंदोलन और प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।














