जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच पर कार्रवाई
सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष निलंबित, एसआईटी ने 24 घंटे में की पुलिसकर्मियों की पहचान
जौनपुर। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत जौनपुर पुलिस ने जबरन वसूली और लूट से जुड़े दो मामलों में दो पुलिस आरक्षियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य वांछित आरोपितों ने पुलिस दबिश के बीच बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार पहला मामला थाना जलालपुर में 17 सितंबर को दर्ज किया गया था। मुकदमे में संकीत सिंह, विकास समेत चार अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। तहरीर के मुताबिक 15 सितंबर को पीड़ित को संकीत सिंह अपने साथ ले गया था। आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसे जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर रुपये की मांग की। पुलिस के मुताबिक पीड़ित का मोबाइल लेकर यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये स्थानांतरित कराए गए तथा एटीएम से भी रुपये निकाले गए।
दूसरा मामला थाना सुरेरी में 22 सितंबर को दर्ज किया गया। इसमें राजेंद्र दूबे समेत सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों और खाताधारक वंशनरायन गिरी को आरोपित किया गया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने उसे फोन कर मिलने के लिए बुलाया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए उसे वाहन में बैठाया और करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली की। आरोप है कि यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में भी रकम स्थानांतरित कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर ने सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को 18 सितंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) गठित की।
एसआईटी अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक टीम ने 24 घंटे के भीतर घटनाओं में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली।
इसके बाद बुधवार को पुलिस ने मनीष पटेल निवासी कबीरुद्दीनपुर, थाना सुरेरी, निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ तथा निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरक्षियों के खिलाफ जबरन वसूली, लूट तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
वहीं पुलिस की लगातार दबिश के बीच जलालपुर प्रकरण में वांछित बताए गए संकीत पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह तथा विकास पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह, निवासी मय पहाड़ी पट्टी, जौनपुर ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में अब तक कुल पांच आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी अथवा न्यायालय में आत्मसमर्पण की कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें दो पुलिस आरक्षी शामिल हैं। एसआईटी द्वारा दोनों मामलों की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उनकी भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर पुलिस ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अवैध वसूली या पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत उच्चाधिकारियों को देने की अपील की गई है।














