जौनपुर। जिले के सुजानगंज क्षेत्र के भीलमपुर गांव में उस समय मातम छा गया जब दिल्ली से गांव आ रहे एक ही परिवार के तीन लोगों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार को घर में होने वाले श्रीरामचरित मानस पाठ की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन उससे पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भीलमपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह का परिवार दिल्ली में रहता है। गांव स्थित पैतृक घर पर गुरुवार को श्रीरामचरित मानस पाठ का आयोजन होना था, जिसमें शामिल होने के लिए परिवार के आठ सदस्य मंगलवार को स्कॉर्पियो वाहन से दिल्ली से जौनपुर के लिए रवाना हुए थे। गर्मी की छुट्टियों के चलते बच्चे भी गांव आने को लेकर काफी उत्साहित थे।
बताया जाता है कि मंगलवार की रात लगभग साढ़े दस बजे स्कॉर्पियो रायबरेली जिले के सलवन क्षेत्र स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे पर पहुंची ही थी कि तेज रफ्तार वाहन सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर ही तीन लोगों की मौत हो गई।
दुर्घटना में सरोज सिंह (60 वर्ष) पत्नी राजेंद्र प्रताप सिंह, संगीता सिंह (21 वर्ष) पुत्री नीरज सिंह तथा समृद्धि सिंह (7 वर्ष) पुत्री गुरचरण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गुरचरण सिंह (36 वर्ष), नीरज सिंह (42 वर्ष), सविता सिंह (38 वर्ष), प्रतिभा सिंह (32 वर्ष) तथा समर्थ सिंह (5 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज रायबरेली स्थित एम्स में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य रायबरेली के लिए रवाना हो गए। घायल नीरज सिंह के भाई पंकज सिंह ने फोन पर बातचीत में भावुक होकर बताया कि “घर की सारी खुशियां पल भर में खत्म हो गईं। जब पूरा परिवार एक साथ होता था तो घर में खुशियों का माहौल रहता था। बच्चे छुट्टियां मनाने गांव आने को लेकर बेहद खुश थे। समझ नहीं आ रहा कि पोस्टमार्टम हाउस जाऊं या अस्पताल में भर्ती अपनों का हाल जानूं। भगवान ने हमारा परिवार उजाड़ दिया।”
बुधवार को जैसे ही शव गांव पहुंचे, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। सूचना पर राज्यसभा सांसद Seema Dwivedi ने पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया। वहीं भाजपा नेता Ajay Shankar Dubey ने सोशल मीडिया के माध्यम से गहरा शोक व्यक्त किया। घटना से पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए। करीब दस मिनट तक शव घर पर रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाया गया।














