यूपी में 57 हजार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को होगा समाप्त, पंचायतों की कमान संभालेंगी प्रशासनिक समितियां!

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यूपी में 57 हजार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को होगा समाप्त, पंचायतों की कमान संभालेंगी प्रशासनिक समितियां!

रिपोर्ट: निशांत सिंह पत्रकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 26 मई 2026 के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश की कुल 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। हालांकि अभी तक नए पंचायत चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई है, जिसके चलते सरकार ने पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासनिक समिति गठित करने अथवा प्रशासक नियुक्त करने का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेज दिया है। शासन स्तर पर जल्द निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान कानून व्यवस्था में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में पंचायत चुनाव सम्पन्न होने तक ग्राम पंचायतों का दैनिक संचालन प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से कराया जाएगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायत सहायकों को प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी देने पर गंभीरता से विचार चल रहा है।

प्रदेश सरकार के सामने पंचायत चुनाव कराने में कई प्रशासनिक और कानूनी अड़चनें बनी हुई हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, पंचायतों में ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया तथा आरक्षण से जुड़ा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होना बताया जा रहा है। यही वजह है कि सरकार फिलहाल पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद कराने के विकल्प पर विचार कर रही है।

उधर, ग्राम प्रधान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि पंचायतों में प्रशासनिक समितियों का गठन किया जाए, ताकि स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी बनी रहे। प्रधान संगठनों का कहना है कि यदि बाहरी प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है तो गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है और स्थानीय समस्याओं के समाधान में व्यावहारिक कठिनाइयां बढ़ेंगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानी जाती हैं। ऐसे में पंचायतों में प्रशासनिक शून्यता न बने, इसके लिए सरकार जल्द अंतरिम व्यवस्था लागू कर सकती है। अब सबकी नजर आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है, जहां पंचायत संचालन की नई व्यवस्था को अंतिम मंजूरी मिल सकती है।

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