चार भाइयों के पारिवारिक विवाद ने लिया कानूनी मोड़, फर्म का ताला तोड़कर ₹27 लाख का ऊनी धागा ले जाने का आरोप
पीड़ित कारोबारियों ने रामपुर थाने में दी नामजद तहरीर, एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग
कंपनी में कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्रता का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
जौनपुर। थाना रामपुर क्षेत्र के सिधवन इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी ऊनी धागा निर्माण फर्म को लेकर चार सगे भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहा पारिवारिक एवं व्यावसायिक विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। फर्म में रखे लाखों रुपये मूल्य के ऊनी धागे को कथित रूप से ताला तोड़कर ले जाने के आरोप में पीड़ित कारोबारी अजय जायसवाल, विकास जायसवाल एवं विनय जायसवाल ने थाना रामपुर में नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, चारों भाइयों के बीच चल रहे विवाद के कारण फर्म पिछले कई महीनों से बंद पड़ी थी। आरोप है कि 23 जुलाई 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे उनके भाई विनीत जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल कुछ अन्य लोगों के साथ फर्म पर पहुंचे और मुख्य गेट का ताला तोड़कर जबरन परिसर में प्रवेश कर गए।
तहरीर में कहा गया है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद गेटमैन नंदलाल मिश्र ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद आरोपितों ने फर्म के नाम पंजीकृत टाटा मिनी ट्रक (UP 66 D 9016) में लगभग 5,500 किलोग्राम (50 से 55 गांठ) ऊनी धागा लादकर मौके से चले गए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ले जाए गए माल की अनुमानित कीमत ₹25 से ₹27 लाख है।
पीड़ित कारोबारियों का आरोप है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम दी गई। उन्होंने थाना प्रभारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोपितों के विरुद्ध चोरी, आपराधिक अतिक्रमण, मारपीट एवं अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, चोरी गए माल और वाहन की बरामदगी, गेटमैन का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उसका बयान दर्ज करने तथा आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्रता का आरोप
घटना के संबंध में जानकारी मिलने पर शनिवार सुबह लगभग 12 बजे पत्रकारों की एक टीम मौके पर समाचार संकलन के लिए पहुंची। इस दौरान आरोप है कि विनीत उर्फ राजू जायसवाल अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचे और पत्रकारों से अभद्र व्यवहार किया। बताया गया कि उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति कंपनी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता।
इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में कंपनी परिसर में बिना अनुमति किसी का प्रवेश प्रतिबंधित है, तो फिर कथित रूप से बाहरी लोगों के साथ कंपनी में प्रवेश कर लाखों रुपये का सामान कैसे ले जाया गया। यह प्रश्न अब पूरे मामले की जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बनता जा रहा है।
सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट
स्थानीय लोगों के अनुसार, चार भाइयों के बीच चल रहे विवाद का सबसे अधिक असर कंपनी से जुड़े मजदूरों पर पड़ा है। लंबे समय से फर्म बंद होने के कारण सैकड़ों श्रमिक बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों का भी कहना है कि यदि इस प्रकार के विवादों का समय रहते समाधान नहीं हुआ और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो उद्योग जगत में असुरक्षा का माहौल बनेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। थाना पुलिस का कहना है कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। आरोपित पक्ष का पक्ष या प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। पुलिस जांच के बाद तथ्य स्पष्ट होंगे।















