नौकरी का झांसा, बंधक बनाकर करोड़ों की ठगी! जौनपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय फर्जी एमएलएम गिरोह का किया पर्दाफाश

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नौकरी का झांसा, बंधक बनाकर करोड़ों की ठगी! जौनपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय फर्जी एमएलएम गिरोह का किया पर्दाफाश

जौनपुर। जनपद की लाइन बाजार पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) एवं पिरामिड चेन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में मुख्य आरोपी के बैंक खाते में करीब 34 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर आकर्षक नौकरी का लालच देता था। युवाओं को बताया जाता था कि उन्हें 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी मिलेगी। इसके बाद उन्हें इंटरव्यू के नाम पर वाराणसी बुलाया जाता था और फिर जौनपुर लाकर एक मकान में रखा जाता था।

रजिस्ट्रेशन के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये की वसूली

गिरोह युवाओं से रजिस्ट्रेशन एवं ज्वाइनिंग फीस के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये जमा कराता था। रुपये लेने के बाद उन्हें केवल एक सामान्य किट दी जाती थी, जिसमें कपड़े, तेल, साबुन और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं होती थीं। इसके बाद प्रशिक्षण के नाम पर युवाओं का लगातार ब्रेनवॉश किया जाता था।

तीन नए सदस्य जोड़ने का बनाया जाता था दबाव

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रत्येक सदस्य को तीन नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। यदि कोई सदस्य नए लोगों को जोड़ने में असफल रहता था तो न तो उसे वेतन दिया जाता था और न ही जमा की गई राशि वापस की जाती थी। कई युवाओं को मकान में रोककर रखा जाता था और बाहर जाने की अनुमति भी नहीं दी जाती थी।

एसपी के मोबाइल पर आया मैसेज, तुरंत हुई कार्रवाई

सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के मोबाइल पर एक पीड़ित युवक का संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया था कि नौकरी दिलाने के नाम पर कई युवकों से रुपये लेकर उन्हें लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया गांव स्थित एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लाइन बाजार पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। मौके से सभी युवकों को सुरक्षित मुक्त कराया गया तथा पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।

सात आरोपी गिरफ्तार, वाहन और दस्तावेज बरामद

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना राहुल राजभर सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक थार वाहन, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक पल्सर मोटरसाइकिल, 600 रुपये नकद तथा कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

दो कंपनियों के नाम पर चल रहा था फर्जी नेटवर्क

जांच में सामने आया कि आरोपी MS EARTH Enterprises तथा Royal Health Wellness Private Limited के नाम पर फर्जी नेटवर्क संचालित कर रहे थे। इन कंपनियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार का झांसा देकर पिरामिड स्कीम में जोड़ा जाता था और उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।

34 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा

पुलिस द्वारा बैंक खातों की जांच में मुख्य आरोपी राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते में लगभग 34 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। इस खुलासे के बाद पुलिस आर्थिक अपराध के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से अब तक कितने लोग जुड़े और कितने लोगों से ठगी की गई।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी संस्था या व्यक्ति को बिना सत्यापन बड़ी रकम न दें। यदि कोई संस्था पहले रजिस्ट्रेशन या ज्वाइनिंग फीस मांगती है तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

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